लोकशाही
=========
लोकशाही की इज्जत लुटनेको देश द्रोही
देशी विदेशी, साजिस, नौटंकी  में लिप्त है

वाह रे नारी तू इतनी भारी संपत्तिवान सी
और बड़ी सुन्दर क्यों है  जो डकैतोसे घेरी  है
==प्रहलादभाई प्रजापति

Advertisements