फिर वो ही रफ़्तार —[१ ].

फिर  वो ही रफ़्तार   —[१ ]
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जूठ और कपट, ,जूते वादे, से लोगोको भरमाकर  और कई चेनलोका , मीडियाका  सहार लेके  दिल्हीके  लोगोको चुना लगाया  और लोगोको मुर्ख बनाके
सत्तापे बैठ गए  है और आज लोगोको बावजी का ठुल्लु दिखाते है , ठीक उसी तरह , जूठ की राज नीति करके , देश के लोगोको कई  हारे हुए पार्टीके लोग
अब पुरे देश को उल्लू बनाने निकले है , जो देश के लिए घात क यही , जैसा दिल्हिका हाल हुवा है ठीक वैसा  ज देशका हाल करनेको  निकले है , जोलोग
उनके जमानेमे किशानोकी जमीने हड़प लिया करते थे वो आज किसानोका मसीहा  बननेको निकले है , जो लोग उनके वक्त  अपने  कोस्टत्नसिका  विकास
ही नहीं कृपाये  वो लोग आज नौटंकी करने निकले है , क्या उस वक्त , जब उनका राज था तब उनको किसने रोका था ? अब ये ऐसी नौ टंकी  करके लोगोको
फिरसे मुर्ख बनाने निकले है , देश वासियो सावधान  ये वो ही लुटेरे है जिन्होंने साथ साल देश को लूटा है
=== प्रघेलाद  प्रजापति

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