मुगलोंकी कूट नीति और साजिस.

मुगलोंकी कूट नीति  और साजिस
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मुगल  हिन्दुस्तानमे   लुटनेको आये थे  नहीं   इस देश की तरक्की  या इस देश के लोगोकी  भलाई  करनेको
उन्होंने मीठा ज़हर दिया सेक्युलरिज़्मका , और उनका लुटनेका प्लान बनाया ,हकूमत करनेका ,जिसमे
वो डिवाइड एंड रूल की नीति अपनाई, और लोगोकी आखोमे धूल डालने को ,नै नै कल्याण कारी योजनाए
बनाई, जिसमे ,लोगोके हितमे  या उनके कल्याणको १० से १५ % देनेका ,और ८५ से ९० % लूट लेनेका
अपने सहयोगियों के साथ मिलके ,और वासी ही उनका साम्राज्य बढ़ाते जानेका ,और फिर बार बार वो
१० से १५ %  का गाना  गाये जानेका  और उसकी एडवर्टाइजिंग  करने रहनेका , और लोगोके आखोमे
धूल जोकटे रहनेका ,और देश को एक मुस्लिम देश  बनानेकी नीति [सेक्यूलरके नामसे ] आगे बढ़ाते
रहनेका ,और देश को लूट के विदेशोमे पैसा ले जानेकी नीति ही रही है ,देश में जूठे उनके हिन्दू  नाम
और घर्म का  भ्रम जाल फैलाके देश को एक मुस्लिम परस्त देश बनानेकी उनकी साजिस रही है
और  ज्यादातर  हिन्दू  संस्कृति की धरोहर  जैसी कई  इमारते ,को मुस्लिम राजाओंका नामी कारन
और कई हिन्दू मन्दिरको तोड़ कर मस्ज़िदोमे परिवर्तित करनेका।  कई हिन्दू अवषेशोंको  नस्ट
करनेका , और वहा मुस्लिम संस्कृति या मस्ज़िदोमे परिवेटित करनेकी साजिस रही है ,आज ऐसे
कई एक्साम्प्ले है , दिल्ही की क़ुतुब मीनार ,जो वल्लभ स्तम्भ था ,आगराका ताज महल जो तेजो महल था
ऐसे कोइ शिव मन्दिरको तोड़के मस्जिदे नामी करण किया है  ये सभी मुगलोंकी साजि  ही थी  हिन्दू और
हिंदुओंके धर्म ,संस्कारको  हिन्दू ,जाती को  दबाके ,जुल्म ,करके या उस पर हमला बोलके  हिन्दुओको
मिटानेकी  एक साजिस  ही पुरवार हो गई है
===प्रहलादभाई प्राहजापति

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