कांग्रेस व देशद्रोही मीडिया की साज़िश बेनकाब.

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 कांग्रेस व देशद्रोही मीडिया की साज़िश  बेनकाब
मीडिया के सहारे भाजपा को सवालों के घेरे में खड़े करने के चक्कर में कांग्रेस अपने ही जाल में फंस गयी है। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने राजे पर धौलपुर पैलेस पर कब्जा करने का आरोप लगाया। लेकिन तथ्यों के आगे रमेश का एक भी आरोप टिक नहीं सका।

सरकार और धौलपुर नगर पालिका के सभी दस्तावेजों के मुताबिक पैलेस पर वसुंधरा के पुत्र दुष्यंत का वैधानिक अधिकार है। इसे खुद तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने भी माना था।
भाजपा के तथ्यों से ऐसे हुए कांग्रेस के सारे आरोप धड़ाम।

-सरकार और धौलपुर नगर पालिका के दस्तावेजों के सभी रिकार्ड में सिटी पैलेस और अन्य संपत्तियां दुष्यंत के नाम हैैं।

-सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग ने 1956 में अधिसूचना जारी की थी। सभी दस्तावेजों पर केंद्र सरकार और पूर्व महाराजा व दुष्यंत के पिता हेमंत सिंह के हस्ताक्षर हैैं।
-2007 से संपत्ति दुष्यंत सिंह के नाम है। 17 जून 2007 को डिक्री भी जारी कर दी गई। इसका पंजीकरण अगस्त 2007 में किया गया।

-सिटी पैलेस धौलपुर की संपत्ति में से 567 वर्गगज तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने 2010 में अधिगृहीत की थी। यह अधिग्रहण राष्ट्रीय राजमार्ग द्वारा किया गया था। इसके बदले दुष्यंत को 1.97 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया गया था।

ऐसे उलटा पड़ा कांग्रेस का दांव

-कांग्रेस ने जिन तथ्यों के सहारे हमले का तानाबाना बुना था उसका आधार ही गलत निकला। जयराम रमेश के आरोपों के तत्काल बाद भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व ने जयपुर से सारे दस्तावेज मंगाकर उसे परखा। उसके बाद कांग्र्रेस को ही कठघरे में खड़ा कर दिया।

अर्नब गोस्वामी और कांग्रेस के नाजायज़ सम्बन्ध का पर्दाफाश

सोनिया गांधी के खिलाफ लड़ने वाले सुब्रमनियन स्वामी अकेले योद्धा हैं। इसी वजह से सोनिया के वफादार अर्नब गोस्वामी ने सुब्रमनियन स्वामी पर फ़र्ज़ी आरोप लगा कर गाली गलौज की थी।

कॉमनवेल्थ घोटाले में अर्नब गोस्वामी को गिफ्ट में मिला नॉएडा का आलिशान बंगला रोबर्ट वाड्रा जमीन घोटाले की रियल एस्टेट कंपनी DLF ने ही दिया है। इसके अलावा 2G घोटाले की प्रमुख कंपनी एस्सार ने भी अर्नब गोस्वामी को लेम्बोर्गिनी कार गिफ्ट किया है।सोनिया गांधी की ब्रिटिश कंपनी बेनेट एंड कोलमैन से सिफारिश के चलते अर्नब गोस्वामी २३ जनवरी २००६ को शुरू हुए टाइम्स नाउ चैनल का सीधे एडिटर इन चीफ बन गया। टाइम्स नाउ पर अर्नब गोस्वामी ने अपना पहला इंटरव्यू सोनिया गांधी का ही लिया था जो किसी भी चैनल को वक्त नहीं देती है।

२०१० के नीरा राडिया कांड में भी अर्नब गोस्वामी की खासमखास नाविका कुमार 2G की आरोपी कंपनी के लिए लॉबिंग करते रंगे हाथों पकड़ी गयी थी। इन टेप्स में नाविका कुमार नीरा राडिया के जरिये टेलीकॉम मंत्री ए.राजा से एक खास कंपनी की सिफारिश करने की बात कह रही थी। साथ ही इस बात को गुप्त रखने का आश्वासन भी दे रही थी।

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जय माँ भारती

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