Dainik Bharat's photo.

कृपया इस बहमूल्य जानकारी को देश के साथ शेयर करे
कांग्रेस द्वारा लिखा गया इतिहास ऐसी जानकारियों को किताबो में छपने नहीं देता
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एक चीज और जानिये 1913 में नोबेल प्राइज के लिए नोबेल कमिटी ने रबीन्द्रनाथ टैगोर का नाम तक
शॉर्टलिस्ट नहीं किया था ,उन्हें जादुई तरीके से ब्रिटेन के राजा जॉर्ज पंचम के लिए स्वागत गीत जो उन्होंने 1911 में
“जन गण मन” गाया था उसके लिए दिया गया
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राजा जॉर्ज पंचम इस गीत से बहुत प्रसन्न हुए थे।
आइये जाने इस गीत का तात्पर्य
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“जन गण मन अधिनायक जय है
भारत भाग्य विधाता”

इसका तात्पर्य है हे राजन आप भारत के कण कण और हमारे मन में बसे हुए है आप भारत के भाग्य विधाता है आप भगवान हैं।
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“पंजाब सिंधु गुजरात मराठा द्राविड़ उत्कल बंग
विंध्य हिमाचल यमुना गंगा उच्छल जलधि तरंग”

इसका तातपर्य है हे राजन आप पंजाब,सिंध,गुजरात इत्यादि के स्वामी हैं ,हिमालय के स्वामी है गंगा,यमुना के साथ भारत ये जल तथा आकाश के स्वामी है
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“तव शुभ नामे जागे, तव शुभ आशिष मागे,
गाहे तव जयगाथा”

इसका तातपर्य है हे राजन हम आपके नाम से आशीर्वाद मांगते है तथा आपकी महान गाथा गाते है और आपके लिए प्राथना करते है
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“जनगणमंगलदायक जय हे भारतभाग्यविधाता!
जय हे, जय हे, जय हे, जय जय जय जय हे”

इसका तातपर्य है हे राजन आप भारत के भाग्यविधाता हैं यहाँ के स्वामी है तथा भारत के लोगो का मंगल आपके हाथ में है
हम आपकी जय करते है जय करते है जय करते है।
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किंग जॉर्ज जब 1911 में भारत आये थे तब उनके स्वागत में ये गीत गाया गया था।
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मित्रो कृपया देश को “जन गण मन” का इतिहास बताएं ,जबतक ये भारत का आधिकारिक राष्ट्रगान है तबतक हमे
इसका सम्मान करना होगा,परंतु इसका इतिहास तथा तातपर्य जनता को पता होना चाहिये
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असल में राष्ट्रगान हमे सीखा दिया जाता है पर उसका तातपर्य और इतिहास की जानकारी नहीं दी जाती
कृपया शेयर करे,कृपया करे।
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‪#‎DainikBharat‬ ‪#‎Bharat‬ ‪#‎RashtraGaan‬ ‪#‎NationalAnthem‬ ‪#‎India‬ Narendra Modi Rashtriya Swayamsevak Sangh : RSS Hindu Adhiveshan Hindu Janajagruti Samiti- Hindi Aryavart ShankhNaad

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