प्रेस विज्ञप्ति 16-7-15
4 जवानों की नृशंस हत्या के लिये सर्वोच्च न्यायालय का गलत फैसला जिम्मेदार- हिन्दू महासभा
हिन्दू महासभा भवन में आयोजित एक श्रद्धांजलि सभा में अखिल भारत हिन्दू महासभा और धर्म रक्षक श्री दारा सेना ने छत्तीसगढ के बीजापुर में 4 स्पेशल पुलिस आफिसर की नृशंस हत्या पर गम्भीर चिन्ता व्यक्त करते हुए इन जवानों को भावभीनी श्रद्धांजलि दी।
श्रद्धांजलि सभा को सम्बोधित करते हुए हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री चन्द्रप्रकाश कौशिक ने इन हत्याओं के लिये सर्वोच्च न्यायालय द्वारा सलवा जुडूम मामले में लिये गये गलत फैसले को जिम्मेदार ठहराया।श्री चन्द्र प्रकाश कौशिक ने अपनी बात को स्पष्ट करते हुए कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के न्यायधीश बी सुदर्शन रेड्डी और न्यायधीश एस एस निज्जर ने 5 जुलाई 2011 को जब सलवा जुडूम के खिलाफ फैसला दिया था तो तभी यह जग जाहिर हो गया था कि इन न्यायधीशों ने अपने इस अविवेकी फैसले से सी आइ ए के मिश्निरी आतंकवादियों द्वारा चलाये जा रहे नक्सली ईसाई आतंकवादियों की मदद की है, और इन न्यायधीशों ने कोया कमाण्डों के जवानों के सर पर मौत की तलवार लटका दी है। श्री कौशिक ने बताया कि ये चारो जवान पहले कोया कमाण्डों के जवान थे जिन्हे सलवा जुडूम मामले में सर्वोच्च न्यायालय के गलत फैसले के आने के बाद सरकार ने विशेष पुलिस अघिकारी बना दिया था।
श्रद्धांजलि सभा को सम्वोधित करते हुए दारा सेना के अध्यक्ष श्री मुकेश जैन ने सर्वोच्च न्यायालय में बैठे नक्सली ईसाई आतंकवादी गैंग को चेताया कि 5 जुलाई 11 के सर्वोच्च न्यायालय के फैसले में नक्सली मिश्निरी आतंकवादियों के खिलाफ लड रहे सलवा जुडूम के कार्यकर्ताओं और जवानों को पूर्ण सुरक्षा दी गयी थी। हाल ही हुई इन जवानों की हत्या, पूर्व में हुई सलवा जुडूम के सूत्रधार जननायक महेन्द्र कर्मा,विधाचरण शुक्ल सहित 28 कांग्रेसियाों की हत्या सहित इस बीच हुई ग्रामीणों,महिलाओं और बच्चों की हत्याऐं न्यायालय के उक्त आदेश की अवमानना है। न्यायालय को स्वयं सज्ञान लेकर अपने आदेश का अनुपालन कर इस अवमानना को रूकवाना चाहिये। श्री जैन ने इस गलत फैसले को दिलवाने वाले नक्सली मिश्निरी आतंकवादी सी आइ ए के ऐजेन्ट गैंग से जुडे अग्निवेश जैसे मिश्निरी आतंकवादी, नलिनी सुन्दर और प्रशान्त भूषण जैसे वकीलों को देशद्रोह के जुर्म में सजाये मौत देने की मांग की।
जिस प्रकार से इन न्यायधीशों ने सभी सरकारी महकमों द्वारा सलवा जुडूम को नक्सली आतंकवाद के विरूद्ध कारगर बताने के बाद भी यह गलत फैसला दिया,और फोर्ड फाउन्डेशन के डालरों पर पल रहे गोपाल सुब्रह्मणियम जैसे सरकारी वकीलों ने जो सन्दिग्ध भूमिका निभायी उस भ्रष्टाचार और इनकी सम्पत्ति की सी बी आइ जांच की मांग करते हुए हिन्दू महासभा-दारा सेना ने गलत फैसला देने वाले जजों को भी अपने लिये मौत की सजा मुकर्रर कर अपने गुनाहों का प्रायश्चित करने की अपील की।
सुभाष चन्द्र
प्रेस सचिव
धर्म रक्षक श्री दारा सेना
77,खेड़ाखुर्द,नई दिल्ली-110082 फोन-9212023514

मुकेश जैन दारा सेना's photo.
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