भारतीय संस्कृति एवं सभ्यता को , सनातन धर्म को सबसे ज्यादा चोट इन्ही पाँच चीजों ने पाहुचाई है और पहुचा रही है –
1- इस्लाम अथवा मुसलमान
2- अंग्रेज़ियत अथवा ईसाइयत
3- धर्मनिरपेक्षता
4- धार्मिक पाखण्ड
5- अतिआधुनिकता अथवा नंगापन

अतः अगर आप इस राष्ट्र को उन्नति एवं धर्म को उत्थान के पथ पर अग्रसर होते देखना चाहते है तो इन पांचों कांटो को खुद से निकाल फेंके ,अगर इनमे से प्रत्येक का पूरा बहिष्कार नहीं कर सकते तो जितना हो सके उतना करे … पाँच चीजे जो राष्ट्र एवं धर्म को प्रगति की गति प्रदान कर सकती है –
1- इस्लाम एवं इस्लाम की दिखाई राह पर चलने वाले मोहम्मदी छाप इस्लामी कीड़ो का पूर्णतः बहिष्कार
2- अंग्रेज़ियत की मानसिक गुलामी से स्वयं को मुक्त कीजिये,अग्रेजी त्योहारो से दूर रहिये , जब तक अङ्ग्रेज़ी की विशेष आवश्यकता न हो ,अपनी मातृभाषा हिन्दी का ही प्रयोग करे….
3 – धर्मनिरपेक्षता धर्मद्रोह का पहला चरण है , धर्म के निरपेक्ष रहने वाला नहीं बल्कि धर्म के सापेक्ष रहने वाला बनिए … धर्मनिरपेक्षता के विकार को त्याग धर्मसापेक्षता के सदगुण को धारण कीजिये ….
4- धार्मिक पाखंड मनुष्य द्वारा अर्जित किए गए पुण्यों को नष्ट करते है एवं बुद्धि को दूषित करके ईश्वर ,भक्ति एवं वास्तविक श्रद्धा से दूर करते है … इसलिए दरगाह,मजार ,पीर ,फकीरो एवं सदी के सबसे बड़े पाखंड साई से दूरी बनाए ,एवं प्रभु की और स्वयं को अग्रसर करे
5 – आधुनिकता एक हद में हो तो ठीक है , पर नंगापन ,अश्लीलता ,दिखाना आधुनिकता नहीं बल्कि मूर्खता है ,जिस राष्ट्र के लोग उस राष्ट्र की संस्कृति एवं सभ्यता को धारण किए रहते है ,वही वास्तविक उन्नति, शांति एवं कल्याण को प्राप्त होते है , अतः अपनी संस्कृति का पालन करे ,आधुनिक बने पर सभ्यता से …..

अभिरुणी झा's photo.
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