बात कड़वी है ,किन्तु सत्य है !
सोनिया गांधी को अपनी सास बहुत याद आरही है और याद करना भी चाहिए।
सोनिया से बेहतर कौन जानता है कि भारतीय कानून और न्यायिक व्यवस्था को तोड़ने और उसकी अस्मिता से खिलवाड़ करने का उनकी सास इंद्रा गांधी को महारत हासिल थी।
70 के दशक में इंद्रा गांधी ने अपनी इटैलियन बहु के लिए, कम से कम दो बार भारतीय कानून की धज्जियां उड़ाई थी।
जब संजय गांधी ने मारुती कम्पनी खोली थी तब उस कम्पनी की एक शेयर होल्डर सोनिया एन्टोनिओ थी। वो उस वक्त इटालियन नागरिक थी और भारतीय कम्पनी के नियमो के अनुसार कोई भी विदेशी भारतीय कम्पनी का शेयर
होल्डर नही हो सकता है। लेकिन वो अपनी सास की बहु थी , भारतीय कानून से ऊपर थी, और शायद उनको भारत की इस राजशाही की बहु होने से भारतियों से ऊपर वंशागत अधिकार
प्राप्त होने का एहसास था। यह पहला मामला सार्वजनिक हुआ था।
दूसरा मामला तो और भी मजेदार है।
सोनिया गांधी, अपनी, भारत की प्रधान मंत्री, सास की बहु थी और LIC की एजेंट बनी थी। उनके अड्रेस में प्रधानमंत्री आवास का पता दिया था। साथ में नागरिकता के कॉलम में
अभारतीय लिखा था। सोनिया ने मारुती के कर्मचारियों का बीमा किया और साथ में जो उद्योगपति प्रधानमन्त्री इंदिरा से मिलने आता था उसका भी बिमा करती थी।
जब अटल बिहारी बाजपेयी जी ने यह मामला संसद में उठाया था तब जाकर LIC ने उनकी एजेंटि निरस्त की थी।
यह दो वाकये 70 के दशक के है, जब वह शत प्रतिशत विदेशी थी।
यह याद रखियेगा कि सोनिया ने अपना इटालियन पासपोर्ट 1983 में राजीव गांधी के राजीनीति में आने के बाद ही इतालियन दूतावास में सरेंडर किया था।
सोनिया को अपनी सास की याद आनी ही चाहिए क्योंकि वो कभी भारतीय मन से थी ही नही और न ही भारतीय कानून उनके लिए भी है, यह एहसास था।
अब जिंदगी में पहली बार उनको भारतीय बनाया जारहा है तो सोनिया और उनके पुत्र राहुल को तकलीफ होना लाज़मी है।

Mukund Agarwal's photo.
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