जूठी राज नीति चोरोंका अक्षय पात्र
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राजनीति एक ऐसा बहाना है
पैसा कमानेका एक घराना है

बिन पैसे व् पाछिने की कमाईका
ले रखा सेवा भलाईका तमाशा है

सरल रास्ता ऐश और ऐयाशिका
आंखोमे धूल जोकनेका तरिका है

गुंडे गमार अपढ़, बुद्धिजीवीओका
मेला खेले इन्सानियतका वजीफा है

बिना मुदलका बिज़नेस की बोलबाला
शून्य मेसे अबजो खरबोका मुनाफ़ा है

कोलिफिकेशन नौटंकी बिन बजाना है
उपजमे धरा पानी बिन फसल पकाना है

जबानी राजनीतिसे सत्तामे बटवारा है
दंगे फसाद करवाके मलम लगाना है

भीख मांगनेका तरिका लोकतंत्र में है
लगुमति बहुमतिका आपसमे बटवारा है

राजनीति यहाँ चंद लोगोका अक्षय पात्र है
जंगम कैसेभी आम आदमीको फ़साना है
===प्रहलादभाई प्रजापति
२३ / ८ / 2016

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