Gaddar Nehru and great Baba saheb ki kahani..
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How Article 370 came into effect
even after objection from baba Ambedkar …..
जब नेहरु ने कश्मीर के प्रमुख नेता शेख अब्दुल्ला को कश्मीर को भारत के अन्य राज्यों की जगह एक विशेष राज्य
या एक अलग देश की तरह से मान्यता प्रदान करते हुए विवादित धारा 370 को भारत के संविधान में डलवाने के लिए
डॉक्टर अम्बेडकर के पास भेजा तो आंबेडकर ने उस समय जो कहा था वो आज भी पढने योग्य और आँखें खोल देने वाला है |
डॉ. अम्बेडकर ने शेख अब्दुल्ला के मूंह पर कहा था :-
”तो आप चाहते हैं की कश्मीर को सारी सहायता हिन्दुस्तान दे,
हर साल करोड़ों रुपया भारत भेजे,
सारे विकास कार्य अपने खर्चे पर भारत उठाये,
कोई भी हमला होने पर इसकी रक्षा भारत करे और
सारे भारत में कश्मीरियों को बराबरी के अधिकार मिलें
लेकिन उसी भारत और भारतीयों को कश्मीर में बराबरी का कोई अधिकार ना हो ?
मैं भारत का कानून मंत्री हूँ और इस भारत-विरोधी धारा 370 को मंजूरी देकर कम से कम मैं तो अपने देश से गद्दारी नहीं कर सकता हूँ |
नेहरू से जाकर कहियेगा की एक देशद्रोही ही इस धारा को भारत के संविधान में डालने की मंजूरी दे सकता है और मैं वो देशद्रोही नहीं हूँ”
और ये कहकर उन्होनें शेख अब्दुल्ला को अपने कार्यालय से निकाल दिया,
आग-बबूला शेख अब्दुल्ला नेहरू के पास पहुंचा और उसे सारी बात बताई |
तब नेहरू ने अलोकतांत्रिक तरीके से गोपाल स्वामी अयंगर से इस भारत-विरोधी धारा 370 को भारत के संविधान में डलवाया
जिसका खामियाजा हमारा भारत देश आज तक भुगत रहा है
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