इस साल पद्म पुरस्कारों में मुख्य जोर देश के गुमनाम नायकों को सम्मानित करने पर रहा। विभिन्न क्षेत्रों में विशिष्ट योगदान के लिए इस साल 89 हस्तियों को पद्म पुरस्कार के लिए चुना गया। 7 हस्तियों को पद्म विभूषण और 7 हस्तियों को पद्म भूषण सम्मान देने का ऐलान किया गया। इस बार के पद्म पुरस्कारों में तरजीह उन लोगों को दी गई, जो किसी न किसी तरह से अपने नेक कार्यों से देश की सेवा और आने वाली पीढ़ी के लिए बेहतरीन मिसालें कायम कर रहे हैं।

इस कड़ी में आज हम आपको कुछ ऐसे ही आम लोगों के बीच में से निकले देश के नायकों के बारे में बताने जा रहे हैं, जो देश के हित के लिए नि:स्वार्थ भाव से अपना काम कर रहे हैं।

मीनाक्षी अम्मा

‘ग्रैनी विद द सोर्ड’ यानी कि तलवार वाली दादी अम्मा के नाम से मशहूर 76 साल की मीनाक्षी अम्मा को भारतीय मार्शल आर्ट ‘कलारीपयट्टू’ में अपने विशेष योगदान के लिए पद्मश्री के लिए चुना गया।मीनाक्षी अम्मा को देश की सबसे उम्रदराज तलवारबाज माना जाता है। उन्होंने 7 साल की उम्र में ही मार्शल आर्ट की ट्रेनिंग देनी शुरू कर दी थी।

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मीनाक्षी अम्मा thenewsminute

चिंताकिंडी मालेशम

तेलंगाना से चिंताकिंडी मालेशम को पद्मश्री पुरस्कार के लिए चुना गया, जिन्होंने लक्ष्मी एएसयू मशीन का आविष्कार किया जिससे पोच्चमपल्ली रेशम साड़ी बुनने में कम समय में तैयार हो जाती है। जिस साड़ी को बनाने में 4 घंटे लगते थे, उसे इस मशीन की मदद से महज डेढ़ घंटे में तैयार किया जाने लगा।

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दारिपल्ली रामैया

देश को हरा भरा बनाने का संकल्प लिए ‘द ट्री मैन’ के रूप में मशहूर तेलंगाना के दारिपल्ली रामैया को भी पद्मश्री पुरस्कार के लिए चुना गया।

दारिपल्ली रामैया motivateme

बिपिन गनात्रा

कोलकाता के वॉलेंटियर बिपिन गनात्रा को पद्मश्री इसीलिए दिया गया। वह पिछले 40 सालों से अग्निशमन विभाग के साथ काम करते रहे हैं। वह अब तक 100 से अधिक अग्नि-शमन अभियानों के राहत व बचाव कार्य में भाग ले चुके हैं।

बिपिन गनात्रा thebetterindia

डा. सुनीती सोलोमर

1985 में भारत में एड्स के पहले मामले का पता लगाने वाली डॉ. सुनीती सोलोमर को मरणोपरांत पद्मश्री पुरस्कार के लिए चुना गया।

डा. सुनीती सोलोमर thelittlenews

डॉ. भक्ति यादव

91 वर्षीय यादव एमबीबीएस डिग्री धारक इंदौर से पहली महिला हैं। वे पिछले 68 सालों से मरीजों का नि:शुल्क उपचार कर रही हैं और  उन्होंने 1000 से ज़्यादा गर्भवती महिलाओं का इलाज किया है।

डॉ. भक्ति यादव thebetterindia

डॉ. सुब्रत दास

देश के राष्ट्रीय राजमार्गों पर होने वाली सड़क दुर्घटनाओं में लोगों की जान बचाने वाले लाइफ लाइन फाउंडेशन के संस्थापक और ‘हाईवे मसीहा’ के रूप में जाने-जाने वाले डॉ. सुब्रत दास को भी पद्मश्री पुरस्कार के लिए चुना गया।

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डॉ. सुब्रत दास indiatimes

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गिरीश भारद्वाज

देश के दूरदराज के इलाकों में सौ से अधिक सस्ते और टिकाऊ पर्यावरण अनुकूल संस्पेशन ब्रिज बनाने वाले एवं ‘सेतु बंधु’ के नाम से मशहूर कर्नाटक के गिरीश भारद्वाज को भी इस विशेष सम्मान के लिए चुना गया।

गिरीश भारद्वाज ndtvimg

इली अहमद

साल 1970 से पूर्वोत्तर में महिलाओं की एकमात्र पत्रिका चलाने के लिए असम की 81 साल की इली अहमद को पद्मश्री के लिए चुना गया।

इली अहमद pratidintime

चमू कृष्ण शास्त्री

मूलत: मेंगलूरु के रहने वाले शास्त्री को संस्कृत प्रचार-प्रसार को बढ़ावा देने में उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किए जाने की घोषणा की गई।

चमू कृष्ण शास्त्री wikimedia

अनुराधा कोइराला

अनुराधा कोइराला ने करीबन 12,000 लोगों को देह व्यापार से मुक्त कराया है और 45,000 से अधिक को  मानव तस्करी होने से रोका है।

अनुराधा कोइराला motivateme

करीमुल हक

‘एंबुलेंस दादा’ के रूप में मशहूर पश्चिम बंगाल के करीमुल हक भी इस सूची में शामिल हैं। अपनी मां को एंबुलेंस के अभाव में बचा नहीं पाए, लेकिन कोई और मां चिकित्सा के अभाव में नहीं मरे, यह संकल्प लेकर चाय श्रमिक करीमुल हक मानवता की सेवा में उतर गए। उन्होंने अपनी मोटरसाइकिल को एंबुलेंस बना लिया और नि:स्वार्थ भाव से खुद को बीमारों की सेवा में लगा दिया।

करीमुल हक technwheelz

डॉ. मापूसकर

स्वच्छ भारत मिशन शुरू होने से 5 दशक पहले से ही सफाई अभियान में लगे महाराष्ट्र के स्वच्छता दूत डॉ. मापूसकर को भी यह सम्मान दिया गया है।

डॉ. मापूसकर indiatimes

बलबीर सिंह सीचेवाल

पंजाब में सीवर प्रणाली के विकास के लिए फंड जुटाने और कार्यकर्ताओं को आंदोलित करने वाले इको बाबा बलबीर सिंह सीचेवाल भी इस सूची में शामिल हैं।

बलबीर सिंह सीचेवाल

देखें पद्मश्री सम्मान पाने वाले नायकों की पूरी सूची:

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