काम का ही नहीं,नाम का भी घोटाला है साहेब!देखें फ़िरोज़ खान की पत्नी इंदिरा ‘गाँधी’ कैसे बनी?
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हमारे देश की तीसरी प्रधानमंत्री जिन्हें हम ” इंदिरा गांधी ” के नाम से जानते है आजतक भारत के लोग ये नही समझ सके कि आखिरकार इंदिरा के नाम से गाँधी कैसे जुड़ गया देशवासियों को ये गाँधी परिवार आजतक समझ नही आया .

शादी से पहले इंदिरा गांधी का नाम था इंदिरा नेहरु चूँकि वे जवाहरलाल नेहरु की बेटी थी इंदिरा नेहरु की शादी फिरोज खान से हुई थी तो फिरोज खान से शादी करने के बाद भी इंदिरा गांधी कैसे हुई उन्हें तो खान या फिर नेहरु होना चाहिए था .

और फिरोज खान के बेटे होते हुए भी राजीव और संजय गांधी कैसे हुए उन्हें तो खान होना चाहिए था इसी तरह रॉबर्ट वाड्रा से शादी करके भी प्रियंका वाड्रा नही बल्कि प्रियंका गांधी कैसे कहलाती है ये सब केवल उल्लू बना रहे है आपको . हमे तो लगता है ये पुरे देश को ही उल्लू बना रहे है ये लोग गाँधी का नाम चुराकर अपने नाम से जोड़ रहे है ताकि राजनीति अच्छे से हो सके और लोगो अच्छे से मुर्ख बनाया जा सके .

वैसे आपको नोट कर लेना चाहिए सोनिया गाँधी कहती है कि वह इंदिरा गांधी की बहु है और किसी से नही डरती है सोनिया गांधी ये क्यों नही कहती कि वो फिरोज खान की बहु है अपने ससुर से कैसी शर्म .  तो वही राहुल गाँधी और प्रियंका गांधी भी अपनी दादी का नाम लेते हुए कहते है हम उनके पोते है अपने दादा का नाम लेकर कभी नही बोलते कि ये फिरोज खान के पोते है .

भैया आप लोग तो समझदार हो कबतक मुर्ख बनते रहोगे ये लोग नही सुधरने वाले इसी तरह मुर्ख बनाते रहेंगे और हमारे देश के लोग युहीं मुर्ख बनते रहेंगे इसलिए अभी भी सम्भल जाओ अभी देर नही हुई है .

गांधी के नाम को अपने नाम के पीछे लगाकर किस प्रकार राजनैतिक रोटियां सेंकी जाती है ये कोई कांग्रेसियों और गांधी(खान) परिवार से पूछे।जिस प्रकार अपना असली उपनाम छोड़ गांधी के उपनाम पर राजनीती करके कांग्रेस ने पूरे देश को 60 साल तक बेवकूफ बनाया है,उसे देखते हुए हम बस इतना ही कह सकते हैं कि यदि अब भारतवासी नही जागे तो ये झूठा गाँधी परिवार गांधी की विचारधारा को ही नहीं अपितु भारतीयता की विचारधारा में भी घोटाला कर देंगे!

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