जुठ ओर ब्लेकमैल पर टीकी हुई मीडिया
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चुनावोका नतीजोंके बारेमे सभी मिडीयावालोने अपनी अपनी प्रीपोल को बढ़ा चढ़ा के बता और लोगोको मुर्ख बनाया किसीकी भी भविष्य वाणी सही नहीं नीकली फिर भी उन्होंने अपनी अपनी
ऑफिस चलाके लोगोका वक्त बर्बाद किया ये जो प्रणाली है , प्रजाको मुर्ख बनानेकी और ये सबमे है नेता लोग भी लोगोको मुर्ख बनाके वोट लेके सत्तामे आके फिर देश और जनताको लुटते है अब किस पर भरोसा करनेका ? सभी पोल का राज खुल गया और सभी के आंकड़े गलत साबित हुए ,फिर बी ही ये लोग अपना धंधा चालू ही रखेगे और प्रजाको मुर्ख बनाते ही रहेंगे क्यों की संविधान ने उनको बोलनेकी लिखनेकी आज़ज़दी जो दी है और लोक तंत्र का ये चौथा स्तम्भ है जो हम उसे नाकारभी नहीं शकते ,वो इसका इस्तेमाल अपना धंदा चलानेमें करते है सही या गलत है वो आम जनताको नक्की करना है ऐसे ही लोग मिडियामें बैठे है जो पत्रकार भी है और  जो अनुमानोकी आग लगाके अपनी रोटियों शेक रहे है लगभग ९०% लोग है जिनको
इंसानियत या सच्चाई  से कोई लेना देना नहीं है और ईमानदारी बेच खाई है ,लेकिन इस देश की मीडियाकी हालत और देश के प्रति ईमानदारी देख के हमें नींद नहीं आती
===प्रहलादभाई प्रजापति

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