शाहजहां ने मरते वक़्त कहा था मुसलामानों से लाख गुना अच्छे होते हैं हिन्दू !!
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आप देशवासियों के लिये अपना पूरा जीवन लगा देने वाले भाई राजीव दीक्षित जी                           
हर कोई शाहजहां के बार में अच्छे से जानता है लेकिन जो आज हम आपको बताने जा रहे है वो आप लोग शायद ही जानते होंगे. शाहजहां मुगलों का बादशाह था जिसने अपने जीवन में 14 साल की मासूम सी हिन्दू बच्ची से अपने महल में बलात्कार किया था. शाहजहां को अपनी खुद की बेटी से साथ शारीरिक सम्बन्ध बनाने में कोई ऐतराज नहीं था. शाहजहां और मुमताज की कोई प्रेम कहानी नहीं थी, बल्कि इनके जीवन की सच्चाई अलग थी । असल में शाहजहां ने मुमताज महल को पाने के लिए मुमताज के पति की हत्या कर दी थी और अपनी हवस को शांत करने के लिए मुमताज से 14 बच्चे पैदा किये थे ।
मुमताज की मौत बेहद दर्दनाक थी, उसकी मौत 30 घंटे तक 14वें बच्‍चे की प्रसव पीड़ा से जूझने से हुई थी. शाहजहां के बेटे ने शाहजहां को 7 सालों तक जेल में कैद रखा था. वह उसे पीने के लिए नपा-तुला पानी एक फूटी हुई मटकी में भेजता था ।

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जीवन के आखिरी सालों में शाहजहां जेल में रहा और वही अपनी आखिरी सांस ली. मरने से पहले शाहजहां ने अपने पुत्र औरंगजेब को एक चिट्ठी लिखी थी । इस पत्र के आखिरी पंक्तियों में शाहजहां ने लिखा था कि “ऐ पिसर तू अजब मुसलमानी ब पिदरे जिंदा आब तरसानीआफरीन बाद हिंदवान सद बार मैं देहदं पिदरे मुर्दारावा दायम आब” ।
इसका अर्थ है कि पुत्र तू भी विचित्र मुसलमान है जो अपने जीवित पिता को जल के लिए तरसा रहा है । उन हिन्दुओं को शत शत नमन जो अपने मृत पूर्वजो को भी पानी देते हैं । इस पत्र के जवाब में औरंगजेब ने लिखा कि जिस स्याही से यह पत्र लिखा है उसी स्याही को पी लो और मर जाओ]

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