धारा 370 पर स्वामी ने जमकर धोया रामजेठमलानी को

 

सुब्रमण्यम स्वामी और रामजेठमलानी दोनों ही देश के सर्वश्रेष्ठ क़ानूनविदों में शुमार किये जाते हैं.परन्तु धारा 370 पर दोनों की राय काफी अलग-अलग हैं.जहाँ स्वामी जी धारा 370 को भारत की संप्रभुता और संविधान की मूल भावना अर्थात ‘समानता के अधिकार’ का विरोधी बताते हैं वहीं रामजेठमलानी जैसे वकील इसे खारिज कर देते हैं.वीडियों में स्वामी जी ने रामजेठमलानी के कुतर्कों पर जोरदार टिप्पणी करते हुए धारा 370 की पूरी पोल खोली है.

स्वतन्त्रता के पश्चात से ही संविधान में अस्थाई और संक्रमणकालीन उपबंध के तौर पर जोड़ी गयी धारा-370 की प्रासंगिकता शुरू से ही ज्वलंत मुद्दा रही है.जानकर मानते हैं की धारा-370 कश्मीर को शेष भारत से अलग बनाती है.

पंडित नेहरू की सबसे बड़ी नाकामियों में शुमार धारा 370 के कारण आज कश्मीर अलगाववाद और संप्रदायवाद का अड्डा बन गया है.वहाँ के मूल रहवासी कश्मीरी पंडित धार्मिक अतिवाद के कारण अपने ही देश में ‘रिफ्यूजी’ की तरह रह रहे हैं.

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