इश्वर /अल्लाह /मसीहा ,भगवान , बिकता है
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कानून के दाय्रेमे रहकर लोगोकी भाव्नाओके साथ खिलवाड़ करके और उसको यानी धर्म को
धंधा [बिजनेस ] बनाके अगर पैसा काय जा तो उसे क्या कहते है ?
हमारे हिन्दुस्त्न्मे ही ऐसा क्यों होता है ?
जिस दिन भगवान ,यानी इश्वर /अल्लाह / या मसीहा , उनके स्थान परसे उठके ,
बाहर आके आने वाली आमदानीको उसके पास रखेगा तब कोई इंसान यानी
धर्मगुरु संत, बाबा ,पुजारी ,यानि की उसके नामसे पैसे कमाने वाला कोई वहा खडा रहेगा क्या ?
ये लोगो को अच्छी तरह मालुम है की भगवान /इस्वर /अल्लाह /मसीहा / यहाँ आनेवाला नहीं है
इसीलिए वो सब अपनी दुकाने खोलके बैठे है
मंदिर ,मस्जिद /गुरुद्वार,/चर्च/आश्रम वो सब उनके स्थान है
===प्रहेलाद्भई प्रजापति

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