सेक्युलर नहीं राक्षस थे मुस्लिम शासक, हिन्दू ने घुटने नहीं टेके, संघर्ष किया इसलिए आज भी हिन्दू है।
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नोट : ध्यान और दिमाग लगाकर, शंका हो तो गूगल का इस्तेमाल करते हुए, पोस्ट पढ़िए ये वाला
तो समझ में आएगा, बस 2 मिनट में आपको सभी सेक्युलरों की असलियत पता चलने वाली है
कांग्रेस और उसके गुर्गे यानि सेक्युलर तत्व, मुस्लिम हमलावरों, मुगलों के बचाव में अक्सर तर्क देते है की, मुस्लिम शासक बर्बर नहीं थे, वो तो सेक्युलर थे
और न ही किसी का जबरन धर्मान्तरण करवाया और न ही जुल्म किये
सेक्युलर तत्व कहते है की, मुस्लिमो ने 1000 साल भारत पर राज किया, फिर भी यहाँ हिन्दू है, कैसे है
अगर मुस्लिम शासक बर्बर थे ???
इस तरह कांग्रेस और उसके गुर्गे यानि सेक्युलर और वामपंथी तत्व एक आम हिन्दू को मुर्ख बनाते है, और उसे भी सेक्युलर में परिवर्तित कर देते है
अब नोट करना शुरू कीजिये
* पहली चीज तो ये की, किसी भी मुस्लिम शासक ने पुरे भारत पर राज कभी नहीं किया, और 1000 साल
ये मूर्खतापूर्ण मजाक है
* मुग़ल केवल उत्तर भारत के शासक थे, वो भी पुरे उत्तर भारत के नहीं, यहाँ तक की औरंगजेब के शासन में जब मुग़लो की सीमा सबसे अधिक बड़ी थी, उत्तर  भारत में ही बुंदेलखंड में हिन्दुओ का राज था, लाहौर इत्यादि में हिन्दू सिखों का राज था, कश्मीर में हिन्दू राजा था
राजस्थान गुजरात मध्य प्रदेश में हिन्दू राजा थे, ओडिसा में मुग़ल थे ही नहीं, महाराष्ट्र में बड़े भूमि पर शिवाजी महाराज का राज था
किसी भी मुस्लमान को भारत का शासक नहीं कहा जा सकता
अकबर के समय जितना बड़ा मुग़ल राज था, उस से कहीं अधिक बड़ा और समृद्ध राज था विजयनगर साम्राज्य और ये बात स्वयं आईने अकबरी लिखने वाले अबुल फज़ल की किताब में लिखी हुई है, किसी हिन्दू पर तो भरोसा मत ही करो, खैर
* हिन्दू आज भी भारत में मौजूद है, पर किसी मुस्लिम शासक की दया से मौजूद नहीं है
और न ही उसके सेकुलरिज्म के कारण, मुस्लिम शासक कभी सेक्युलर नहीं रहे, वो हमेशा राक्षस रहे है
बलात्कारी, लुटेरे, हत्यारे रहे है
हिन्दू इसलिए आज भी हिन्दू है क्योंकि हिन्दू ने घुटने नहीं टेके, हिन्दू में दम था, उसने संघर्ष किया
जिन हिन्दुओ को जान प्यारी थी वो धर्मान्तरित कर मुसलमान हो गए, और  जिनको आन प्यारी थी वो कुर्बान हुए, और आज उन्ही के वंशज हिन्दू है
राणा कुम्भा ने युद्ध किया, महाराणा प्रताप ने युद्ध किया, छत्रसाल ने युद्ध किया, सिख गुरुओं ने युद्ध किया, रंजीत सिंह ने युद्ध किया, शिवाजी महाराज ने युद्ध किया और मुगलों को हराया, बाजीराव पेशवा ने युद्ध किया और मुगलों अफगानों को पेशावर तक काटा, गाजर मूली की तरह काटा
पेसाब के लिए भी 1758 में मुग़ल शासक लाल किले से बाहर नहीं आया, मुग़ल साम्राज्य 1758 में केवल लाल किला दिल्ली तक सिमित रह गया, और बाजीराव ने लाल किले के बाहर “गौरी शंकर” मंदिर बनवाया
जो आज भी दिल्ली में लाल किले के सामने शान से भव्यता से खड़ा है
भैया हिन्दू में दम था, उसने संघर्ष किया, मानते है बहुत से हिन्दू धर्मान्तरित हुए, हमारे देश के टुकड़े 1947 में किये गए, पर मुसलमानो ने नहीं किये टुकड़े बल्कि सेक्युलर गाँधी-नेहरू ने टुकड़े किये
हिन्दू बस सेकुलरिज्म के कारण कमजोर और मुर्ख सा दिखता है
पर असल में हिन्दू में दम है, और इसलिए उसकी हस्ती आज भी मौजूद है, आज के हिन्दू में सेकुलरिज्म घुसा है इसलिए कमजोर दीखता है, पर ये वही हिन्दू है जो महाराणा प्रताप, शिवजी, पेशवा का वंशज है
जागेगा तो सेकुलरिज्म मिटा के रख दिया जायेगा
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