गलत इंसान की गलत अभिप्राय और समाज विरोधी दलील
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गायका मटन बेचने वाल सिब्बल जो ५००० साल पुरानी सभ्यता और संस्कृति  को १४०० सालवाली सभ्यताके साथ समानता में बोलने वाला कैसे वकील बना समझता ही नहीं कही नहेरु वंशजको घुस खिलाके तो डिग्री नहीं पाई होगी ,शयद उसकी डिग्री भी फर्जी हो ,और ऐसे फर्जी लोगोका कानूनमें कोई सेवा नहीं लेनी चाहिए और कोई तर्क भी नहीं मानना चाहिए ऐसे गुलामोंका व्यवहार  भी गुलाम होता है वो लोग कभी भी आज़ाद होनेवाले न यही है पूरी जिंदगी एक ही परिवारके गुलाम ,जो [परिवार लुटेरा ,डकैत और ऐयासी है जो देश को ६०-७० सालोसे
अंधेरेमे रखा है  उनका खानदान का पता ही नहीं है देश को बाहरसे आये हुए लोग सत्तामे बैठ गए है  जिनको उखाड़ फेकना है लुटेरोका एक झुंड बनाके देश को हमेश  लुटते ही रहे है ऐसे सब सेक्युलर ,वामपंथी और खोंग्रेसियोसे देशको मुक्त कराना है सभी हिन्दू को एक होनेका वक्त आ  गया है हिन्दू संस्कृति को अगर बचाएं यही तो
===प्रहलादभाई प्रजापति

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