फादर्स डे = हिंदुस्तानके राष्ट्र पिता महात्मा गाँधी का आप कृत्य
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गांधीजीने फादर्स का रोल नहीं निभाया हिंदुस्तानके टुकड़े करके अपने बच्चोको कंकास्के कुंएमें फेक दिए ,देश के टुकड़े करकर राष्टपिता गाँधी ने कौनसा अपने दो बेटोपे उपकार किया है ,हिन्दुस्तान और
पाकिस्तान जो जबसे अलग हुए है बस लड़ते चले आf रहे है उन्होंने कौनसी आज़ादी दिलवाई है ,? सर न सिर्फ लड़नेकी और दुसरा उनका चेला नहेरुने जलती हुई आग्मे पेटोल छिड़का जो काश्मीर
समस्या कड़ी करदी है इन दोने नेताओंने देशको जलने जलानेमे उनका जीवन व्यतीति किया है बापका
या पिता का कौनसा रोल गाधीने अदा किया है जो आज हम उनको राष्ट्र पिताके नामसे पुकारते है ?
देश की बर्बरता के और जनताके हालांकि और देशके बचपनको ,बचपनमे ही उसको अपाहित करदिया है इसा से तो आज़ादी न मिलती तो अच्छा होता सेक्युलर और हिन्दू मुस्लिम के बटवारे नहोते
आज हम फादर्स डे के दिन हमारे पिताकी गलतियोंके शिकार नहोते और आज़ादी कही बादमे मिलती लेकिन हम हिन्दू मुस्लिम एक होक अंग्रेजोंको बुरी तरह मार्के भगा देते क्योकि हम हिन्दू
मुस्लिमोंको कुछ दिनोंके बाद भी हमारे पिता की गलती मालुम पद जाती और अच्छे दिन आते अगर
हमारे पिता न होते तो ,उनकी मृत्यु के बाद हम अच्छे दिनोंके मालिक होते जो आज नहीं है सिर्फ उनकी वजह से
===प्रहलादभाई प्रजापति

 

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