जीएसटी का विरोध क्यों ? और कौन करते है विरोड्ज जानिए
=========================
इस देश में कालाबाज़ार वाले ,टेक्स की चोरी करने वाले ,बिल बिना धंधा करने वाले ,चिठ्ठियों पर
बिज़नेस करने वाले ,थोक व्यापारी ,बड़े बड़े बिज़नेस वाले जो लोग अपना बुक ऑफ़ अकाउंट सिर्फ
नामके लिए बनाते थे वो लोग बड़े बड़े बिल्डर्स ,लकडीके बड़े व्यापारी ,कपडेके बड़े व्यापारी ,किरानेके बड़े व्यापारी ,लोहेके बड़े व्यापारी , यानी जो जो लोग बड़े व्यापारमें थे और चिठियो पर धंधा करते थे जो पक्का बिल नहीं बनाते थे वो सब ही लोग जीएसटी का विरोध करते है ,सामान्य
व्यापारी जो २० लाख तक का धंधा ,या व्यापार करता है उन्हें कोई गभरानेकी जरूरत है बल्कि उनके
लिए तो ये सरकारने बहुत अच्छा किया है , और जो लॉफ ७५ लाख तक करते है उनके लिए भी बूत अच्छा है ,पर जो लोग बिना बिलके धंधा करते थे वो ही लोग ,और जिनके पास सत्ता नहीं है वैसी दाल
जो उनको बल देके देशका माहौल खराब करना चाहते है वो लोग है, जो लुटेरे ,डकैत और गद्दार लोग है जिन्होंने द्देष को ७० सालोसे लुटा है वो ही विरोध करते है ,क्योकि उनकी दुकाने बांध होने वाली है
जाती धर्म के नामसे ,और महगाई, बेरोजगारिके नामसे जो दुकाने चलती थी वो अब बांध होने वाली है
इसीलिए वो विर्ध करते है और करवाते है
===प्रहलादभाई प्रजापति

 

 

Advertisements