हिन्दु जागो, हिन्दु जागो ,बड्डपन की गलत फेमि में न रहो
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विनय wrote: “देखो अब्दुल तुम राजवीर सिंह (क्षत्रिय) बन कर दलितों (शुद्रो) को नीच साबित करोगे.. वसीम तुम रमेश शर्मा (ब्राह्मण) बन कर दलितों को गालियां दोगे.. और अकरम तुम राकेश चमार (दलित) बन कर मनुवाद और ब्राह्मणों को दलितों और बाबा साहब का दुश्मन बता कर गालिया दोगे.. सलीम तुम मोहन सैनी (वैश्य) बन कर सब की हाँ में हाँ मिलाओगे और जरूरत पड़ने पर तुम मनुवाद को ही गरियाओगे.. समझ गए न तुम लोग..? अब्दुलाह अपने बेटो को समझाता हुआ बोल रहा था.. वसीम: अब्बु उस से होगा क्या..? अब्दुल्लाह: बेटा जैसा कहा है वैसा करो बाकि का काम तुम हिन्दुओं पर छोड़ दो..

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