Archive for ઓગસ્ટ, 2017


શબ્દો એજ ઈશ્વર
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નથી હદયથી નીકળેલ વાણી કે શબ્દોને પુલ કે રસ્તા
અરીસાના સત્યને ભાષાના પૂરાવાઓની જરૂર નથી

 

વાહ રે વાહ હૃદય ને ચીરે સાધે ને મલમ પણ લગાડે
પાર દર્શકતા એટલી કે શબ્દોને દર્પણની જરૂર નથી

 

બૉમ્બથી ચડિયાતા જ્વાળામુખી તો સ્વર્ગનું સામ્રાજ્ય
આ શબ્દો છે હિરોશિમા તો ક્યાંક શિલ્પીની જરૂર નથી
===પ્રહેલાદભાઈ પ્રજાપતિ
રિવાઇઝ ઓન 19 /8/2017

मोदीजी ६० सालोकि गंदकी साफ करते है तो राहुलजी पसंद नहीं आता है और उनको देशी लोग
सांविधानिक पदों पर पसंद नहीं आते खुद जो विदेशी ठहरे ,ये देश पर उनको कोई देशी या गरीब या
दलित बिचड़ा राज करे वो पसंद नहीं आता है उनको तो विदेशी और लुटेरोसे लगाव है खुद जो
विदेशी मिट्टीसे बने है

ये मुसलमानोंका विरोध नहीं बल्कि पर्देके पीछे खोंग्रेस की देश द्रोही साजिस है
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मुसलमानोंकी हर कोई डिमांड या भारत विरोधी कृत्य या राष्ट्र विरोधी कृत्य या वर्तन खोंग्रेसकी दें है
ये खोंगरट्स मूल रूपसे देश द्रोही है लोगोका संघटन हसी और ये विदेशी लोगोसे चलाई जाती एक
दाल या पार्टी है। जिसमे सभी लुखे ,गुंडे लुटेरे डकैत ऐयासी और देश द्रोही लोग भरे हुए है
==प्रहलादभाई प्रजापति

रफ़िल्को हीरो बनाना सेक्युलर खोंग्रेसियो के लिए बाए हाथ का खेल है भोपाल गैस कोड याद कीजिए
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इनकी बराबरीमे यानी की भोपाल गैस कौड़ की बराबरी में खोंग्रेस के लिए गोरख पुर कोड बहुत छोटी बात है वो रफ़िल्को कही अच्छी सेफ जगामे आसानीसे भगा शक्ति है और फिर उस पर राज निति करके अपनी रोटियों पकायेगे। ये ही तो ७० सालोसे कर्म किये है इनके लिए ये काम मामूली है
वो रफ़िल्को देश का हीरो भी बना शकते है भोपाल गैस कौड़ को याद कीजिए ये वोही खानदान है
जो ऐंडर्सन को रातोरात विदेश में भगा दिया था और इधर १००० रो लोगोकी जान ली थी

મરશીયાં ની વાણી ની કહાણી
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મળે ટોળે નારીઓ અડોસી પડોસી સગાં રડે સૌ સહોદરાઈ
આંગણ આંસુઓથી લથબથ બોલે ઊંચા સાદે મોતની વધાઈ

 

અમર થઇ સ્વર્ગે સીધાવેલ રાજવીની વંચાય લાંબા સાદે સગાઇ
પ્રસંગોની પ્રસવ લીલાની તવારીખે ગાવાય ગાણાં ગીતે ગૂંથાઈ

 

બહાદુરી,જાહોજલાલીના વશ્ત્રો પહેરી શાબ્દો મૂકે પોકે ભરાઈ
ઘર ચીરતી ઘેર હાજરી,કુદે સન્નાટાના તાડવે ચોક ભૂલે સગાઇ

 

મરસીયો મોભે ચડી વાગોળે કહાની જીવતરની વાડી વિસરાઈ
ગયો મૂકી રાજવટુ,ખેલ બંધ ના,પ્રસ્તાવે,વાડી ચડે અભરાઈએ

 

સ્વજનો બાર દિ’નાં શોક પ્રસ્તાવે મળી ઉજવણે નાંધ લખાઈ
તેરમે મુખ મીઠું ભૂલે નાંધની નાંધણી વાહ મરશિયાંની વધાઈ
===પ્રહેલાદભાઈ પ્રજાપતિ
રિવાઇઝ ઓન 13 /8/2017

आनंद बे शर्मा खोंग्रेसी
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ये वोही आनंद बे शर्मा है जिसने २६/११ के हमलेमे ताज होटलको पाक आतंकीओने गोलियों चलके लोगोको मार दिए थे और होटलको जबरजस्त डेमेज की थी ,बादमे टाटा ने जब उसकी मरामत करनेके लिए टेंडर कॉल कीथी और सभी नेशनल और इंटरनेशनल बिडर्स [कॉन्टेक्टर ] लोगोने टेंडर भरे थे इसमें एक पाकिस्तानी कॉन्ट्रेक्टर भी था , जो टाटा के पास गया थे जिनको टटाने मना करके भगाया था और वोही कॉन्ट्रेक्टर फिर ये वो ही आनंद बे शर्मा के पास गया और टाटा पे दबाव करवाया
और फोन भी किया उसकी तरफदारी करके ,बोला की ये लोग अच्छे व्यापारी है और अपने नेबर्स है आप उनको ताज होटलकी मरम्त करनेका काम उन्हीको दीजिए ,तब टाटा ने उनको बोला था की आप बेशर्म हो शक्ति हो मई नहीं ,बोलके फोन काट दिया था और फोन रख दिया ,ये वोही आनंद बे शर्मा
जो देश द्रोही है

मई अंसारी साहब की बात नहीं करता हु , देशमे हमारे मुस्लिम भाई बहुत सुरक्षित है लेकिन इस देसमे आतंकी सुरक्षित नहीं है क्यों की रोज कड़ो या टी चार आतंकी मरते है या मारे जाते है इसीलिए
यहाँ आतंकी सुरक्षित नहीं है

आबिद अंसारी साहब
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बहुत सालो से अब तक हिन्दुओको दबाके रखे थे और उनका लहि चूसा है
उनको बे आबरू किया है ,उनको अपमानित किया है उनकी माँ ,बहन बेटियोकि इज्जत लूटी है इसका इतियास गवा है जो लोग इतने सहिष्णा थे और है लोग सब जुल्म सहन करते आये है और कितने ही केसमे तो जान बचानेके लिए धर्म परिवर्तन भी क्र दिए है ,संपत्ति ,माल मिलकत भी उनकी लूट ली है जो बिचारे एक रेफ्यूजीकी तरह जीवन गुज़ारनेको मजबूर हुए है ,उनको आज थोड़ी सी समाज आ गए है तो आप इतने परेशान क्यों होते हो और आज आपको डर सताने लगा है , और भय के माहॉलमे हो ऐसा क्यों लगने लगा है ,क्यों आप को ऊपर बताई गए सभी कर्मी छूट नहीं मिलती इसिलए ?,आज हिन्दू को थोडासा ज्ञान हुव आ है उसका डर सताने लगा है ? लेकिन आप निचित सही हिन्द कभी भी गलत काम नहीं करते आप लोगोकी तरह ,इसीलिए तो हिंदुओंने इतने साल मार खाई है फिर भी आपन चित रहिए , हां आपको या आपकी जमातको सभी हिन्दू विरोधी काम करनेसे जरुरु रोकेंगे ,और इन्सानको इन्सानकी तरह रहनेको बोलेगा हां वो अपना बचाव करेगा अभ वो अपनी इज्जत , माँ बहन ,बेटी , और संपत्ति की और जान माल का रक्षण करेगा आपको इसका दर सताने लगा है तो हम लोग मजबूर है
===प्रहलादभाई प्रजापति

बड़ा खुलासा: सोनिया गांधी का काला सच आया सामने, सच्चाई जानकर आपके होश उड़ जाएंगे
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अगर सबकुछ सही था तो उसे झूठ बोलने की जरूरत नहीं थी। उसने हर कदम पर झूठ बोला। यहां तक कि जन्मस्थान से लेकर उसके असली नाम तक। हां, ये सोनिया गांधी के बारे में है। बता दे कि सोनिया गांधी की शादी पूर्व पीएम राजीव गांधी से हुई थी। उनका कहना था कि वे दोनों एक ही यूनिवर्सिटी में पढ़ते थे लेकिन वहां सोनिया नाम की कोई स्टूडेंट थी ही नहीं और यहां तक कि उनके असली नाम की भी कोई स्टूडेंट नहीं थी।
एक रिटायर इंडियन पुलिस सर्विस ऑफिसर मलय कृष्णा धर के द्वारा लिखित किताब ‘ओपन सीक्रेट’ में यह खुलासा किया है। बता दे कि मलय कृष्णा धर ने 29 वर्षों तक इंटेलिजेंस ब्यूरो में सेवा दी है।

उन्होंने कहा है कि, मेरी मेहनत भरी रिसर्च और बुद्धिमत्ता रंग लाई। उन चार मंत्रियों (इंदिरा सरकार के कैबिनेट मंत्री) और दो दर्जन सांसद KGB (रूस की जासूसी एजेंसी) के लिए काम करते थे। KGB इन्हें इसके लिए मोटी रकम देता था।
मलय कृष्ण धर ने उनकी किताब में कुछ जाने माने तथ्य और पब्लिक सिक्रेटों को प्रकाशित किया है। इस किताब में उन्होंने सोनिया गांधी पर आरोप लगाते हुए कहा है कि सोनिया गांधी एक KGB द्वारा भेजी हुई जासूस है।

वर्ष 1985 में रूसी जासूसी एजेंसी KGB द्वारा 2 बिलियन यूएस डॉलर (94 करोड़ रुपये) राहुल गांधी के स्विस बैंक खाते में जमा किये थे जो कि सोनिया गांधी द्वारा मैनेज किया जाता था। स्विस न्यूज़ मैगजीन में भी यह दर्शाया गया था कि KGB ने सोनिया गांधी जो कि भारतीय राजनेता से विवाहित है उसे इतनी मोटी रकम क्यों दी गई?
अगर सोनिया गांधी भारत की प्रधानमंत्री बन गई होती तो हमारी राष्ट्रीय सुरक्षा, सेना, वैज्ञानिकता और टेक्नोलॉजी विकास (BARC, ISRO, DRDO, ICAR, ICAR) और हमारी व्यापारिक गतिविधियां रूस, रोम और अन्य मुस्लिम राष्ट्रों के लिए एक तरह से खुली किताब के समान हो जाती। इटालियन माफिया भारतीय इंडस्ट्रीस और व्यापार पर अपना दबदबा कायम कर लेता, जिसका परिणाम बहुत ही खतरनाक होता।

कृष्ण धर द्वारा जुटाए गए कुछ सबूत सोनिया गांधी को रसियन एजेंट साबित करते है।
जवाहर लाल नेहरू के समय इंदिरा गांधी को भी KGB के द्वारा मोटी रकम मिलती थीं। उसके बाद इंदिरा गांधी के चहेते राजीव और सोनिया को पाकिस्तानी बैंकर के द्वारा रकम दी जाती थी। बैंकर आघा हसन अबदी जो कि बैंक ऑफ क्रेडिट एंड कॉमर्स में कार्यरत था। यह बैंक अबु धाबी के शेख जैयद के अवैध धन (नशीली दवाओं से कमाई रकम) को वैध करता था।

तत्कालीन प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की रहस्यमयी मृत्यु रूस पर उंगली उठाती है। 1965 भारत-पाकिस्तान युद्ध के बाद शास्त्रीजी पाकिस्तान के राष्ट्रपति अयूब खान से ताशकेंट में मुलाकात की और ‘No-War समझौते’ पर हस्ताक्षर किए जिसमें लिखा था कि अब कोई युद्ध नहीं होगा। लेकिन चौकाने वाली बात यह है कि उनकी अगले ही दिन रहस्यमयी मृत्यु हो गई और इससे जुड़े सारे सबूत मिटा दिए गए।
संजय गांधी की मृत्यु से जुड़े सबूत भी सोनिया गांधी को संदेह के घेरे में खड़े करते थे। संजय गांधी को KGB के कहने पर मारा गया था ताकि राजीव गांधी भारत के अगले प्रधानमंत्री हो।

राजीव गांधी की मृत्यु श्रीलंका के आतंकी समूह LTTE (जिसे ईसाई समूह द्वारा वित्तीय सहायता मिलती थी) द्वारा हुई थी। बता दे कि राजीव गांधी को 21 मई, 1991 को तमिलनाडु में 24 वर्षीय धनु नामक रोमन कैथेलिक महिला, जिसका असली नाम क्लैबथि था, के द्वरा आत्मघाती बम द्वारा उड़ा दिया गया था। राजीव गांधी को मार दिया गया तो बाहरी जासूसी एजेंसियों ने सोनिया गांधी को बढ़ावा देने के लिए पर्दे के पीछे से काम किया। सोनिया की लीडरशिप के लिए संभावित खतरों को एक एक कर के शानदार तरीके से दुर्घटनाओं को प्राकृतिक रूप देकर हटा दिया गया, जो कि KGB की विशेषता है।
कैथोलिक्स रविवार को विशेष मानते है और सोनिया गांधी के सभी खतरों को रविवार को ही खत्म कर दिया गया। राजेश पायलट की रोड एक्सीडेंट में रविवार को मौत हो गई। जितेंद्र प्रसाद रविवार को ब्रेन हैमरेज से मारे गए, माधव रविवार के ही दिन प्लेन क्रैश में मारे गए, कमलनाथ जो कि कांग्रेस के बड़े युवा नेता थे वो भी प्लेन क्रैश में बाल बाल बचे थे।

पथरो को आपसमे लडवानेकी सेक्युलरी खोंग्रेसी तुस्टीकरणकी निति
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खोंग्रेसियोने पथरोंको भी आपसमे लाडवा दिया एक सेनावाले पत्थर जिसको पूरी खुली छूट और दुसरा नेता वाला पत्थर जिसको तुस्टीकरण का फायदा और लोकतंत्र पर हमला वह खोंग्रेसी सेक्यूलरो आपने
पथरो को भी न बक्शा उनको भी तुस्टीकरण की नीतिके साथ जोड़ दिया और पार्लामेंट तक उसकी
गूंज आवाज पंहुचा दी और पथरोंसे बचनेकी नेता लोगोका सौरक्षण की मांग की नहीतो लोक तंत्र खतरेमें आ जाएगा इन लोगोके हाथमे लोक तंत्र की जीवन डोर है जो खतरें से गुजर रही है
===प्रहलादभाई प्रजापति